राजस्थान की चित्रकला शैली की विशेषताएँ राजस्थान में चित्रकला की शुरूआत राणा कुम्भा के शासनकाल से हुई। राजस्थान का प्रथम चित्रित ग्रंथ “श्रावक प्रतिक्रमण सूत्र चूर्ण“  हैं। जिसकी रचना 1261 ई़ में मेवाड़ के तेजसिंह के शासन काल में हुई। राजस्थान की चित्रकला पर आनन्द कुमार स्वामी ने “राजपुत पेटिंग“ नामक पुस्तक में प्रथम बार …

Continue reading राजस्थान की चित्रकला शैली की विशेषताएँ | Rajasthan Ki Chitrakala Shaili

राजस्थान की चित्रकला शैली से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्नः- 1. ऊँट की खाल पर चित्रांकन किस शैली की विशेषता हैं। अ. मारवाड़ शैली ब. मेवाड़ शैली स. किशनगढ़ शैली द. बीकानेर शैली Show Answer उत्तरः- द. बीकानेर शैली 2. 1973 को भारतीय डाक द्वारा किस शैली पर डाक टिकिट जारी हुआ। अ. मारवाड़ शैली ब. मेवाड़ …

Continue reading राजस्थान की चित्रकला शैली से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

राजस्थान की प्रमुख हस्तकलाएँ जववहारात का कार्य ‘हस्तशिल्प’ की श्रेणी में आता हैं। राजस्थान की हस्तशिल्प वस्तुओं को राजस्थान लघु उधोग निगम राजस्थली ब्रांड के नाम से विपणन करता हैं। जो जयपुर में स्थित हैं। हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से उदयपुर से दूर 13 किमी. शिल्पग्राम की स्थापना की गई। ‘हैण्डलूम मार्क’ शिल्पकला …

Continue reading राजस्थान की प्रमुख हस्तकलाएँ | Rajasthan Ki Hastkala

राजस्थान की हस्तकलाओं से सम्बधित महत्वपुर्ण प्रश्न 1. ब्लू पाॅटरी से संबंधित किस व्यक्ति को पदमश्री से सम्मानित किया गया हैं। अ. किशन सिंह शेखावत ब. कृपाल सिंह शेखावत स. कृपाल सिंह सोनी द. कृपाल सिंह रावत Show Answer उत्तरः- ब. कृपाल सिंह शेखावत 2. राजस्थान में ब्लू पाॅटरी का सर्वाधिक विकास किसके शासन काल …

Continue reading राजस्थान की हस्तकलाओं से सम्बधित महत्वपुर्ण प्रश्न

 गवरी नाट्य इसे मेरू लोकनाट्य भी कहते हैं। मेवाड़ क्षैत्र के भील पुरूषों द्वारा किया जाने वाला एक लोक-नाट्य जो रक्षाबन्धन के अगले दिन से शुरू होता है जो अगले 40 दिन तक चलता हैं। यह नाट्य शिव-भस्मासुर की कहानी पर आधारित हैं। इसमें शिव को राई बुढ़िया तथा पार्वती को गवरी कहते हैं। हास्य …

Continue reading राजस्थान के लोक-नाट्य | Rajasthan Ke Lok Natya

राजस्थान के लोकनाट्यों से सम्बधित मुख्य प्रश्न 1. रम्मत हैं ? अ. एक लोक नृत्य ब. एक लोकनाटृय स. एक लोक संगीत द. एक वाद्ययंत्र Show Answer उत्तरः- ब. एक लोकनाटृय 2. राजस्थान का बहुरूपिया कला को विश्व के अनेक देशों में प्रदर्शित करने वाले थें। अ. जानकी लाल ब. उदय शंकर स. देवीलाल सागर …

Continue reading राजस्थान के लोकनाट्यों से सम्बधित मुख्य प्रश्न

रामस्नेही सम्प्रदायः- इस सम्प्रदाय की चार जगह पीठ हैं। जिसमें प्रधान पीठ शाहपुरा भीलवाड़ा में हैं। इसके संस्थापक रामचरण जी थे, जिनका  जन्म सोड़ा ग्राम टोंक में हुआ था। शाहुपरा भीलवाड़ा में रामस्नेही सम्प्रदाय द्वारा फुलडोल महोत्सव का चैत्र कृष्ण एकम से चैत्र कृष्ण पंचमी तक मनाया जाता हैं। तथा इस सम्प्रदाय की अन्य पीठ …

Continue reading राजस्थान के प्रमुख सम्प्रदाय | Rajasthan Ke Pramukh Sampraday

राजस्थान के प्रमुख सम्प्रदायों से महत्वपूर्ण प्रश्न 1. विश्नोई सम्प्रदाय के प्रवर्तक गुरू जम्भेश्वर से संबंधित मुख्य स्थान हैं। अ. लूनी ब. नौखा स. नारायणा द. मुकाम Show Answer उत्तरः- द. मुकाम 2. जाम्भोजी के अनुयायी किस रूप में जाने जाते हैं। अ. नाथपंथी ब. विश्नोई स. रामस्नेही द. शाहपुरा Show Answer उत्तरः-ब. विश्नोइ 3. …

Continue reading राजस्थान के प्रमुख सम्प्रदायों से महत्वपूर्ण प्रश्न

जीण  माताः- इनको शेखावाटी क्षेत्र की लोक देवी, मधुमक्खियों की देवी, चैहानों की कुल देवी आदि नामों से जाना जाता हैं। इनका जन्म चुरू जिलें के धांधु गाँव में हुआ। इनके मन्दिर का निर्माण पृथ्वीराज चैहान प्रथम के समय हट्टड़ द्वारा हर्ष की पहाड़िया पर करवाया गया। यहाँ पर ढाई प्यालें शराब चढ़ती हैं। तथा …

Continue reading राजस्थान की प्रमुख लोक देवीयाँ | Rajasthan Ke Pramukh Lok Devi

लोक-देवियों से सम्बन्धित मुख्य प्रश्नः- 1. कैलादेवी मंदिर कहाँ स्थित हैं। अ. करौली ब. टोंक स. कोटा द. सवाईमाधोपुर Show Answer उत्तरः- अ. करौली 2. करौली क्षैत्र में “कैला देवी“ की आराधना में गाए जाने वाले गीत क्या कहलाते हैं। अ. हींडो ब. इंडोंणी स. लावणी द. लाँगुरिया Show Answer उत्तरः- द. लाँगुरिया 3. किस …

Continue reading लोक-देवियों से सम्बन्धित मुख्य प्रश्न